यदि आप अपने ट्रेडमिल बेल्ट को लुब्रिकेट करना नहीं जानते हैं, तो अपने बेल्ट को ठीक से लुब्रिकेट करने के लिए ट्रेडमिल रखरखाव पेशेवरों को बुलाएं।

ट्रेडमिल बेल्ट स्लिपेज के सामान्य कारण

स्लिपेज ऑन क्या है

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खुदरा व्यापारियों के लिए एक कस्टम-निर्मित DEX

क्लिपर एक विकेन्द्रीकृत एक्सचेंज (DEX) है जिसे छोटे से मध्यम आकार के ट्रेडों के लिए सबसे कम प्रति-लेन-देन लागत के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह स्व-निर्मित व्यापारियों के लिए सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोसेट खरीदने और बेचने के लिए सबसे अच्छी जगह है।

मौजूदा डीईएक्स के विशाल बहुमत को इस तरह से संरचित किया गया है जो उच्च डॉलर के व्यापार की मात्रा को हर चीज से ऊपर प्राथमिकता देता है। हालांकि यह अच्छा लग सकता है, व्यवहार में यह "विकास के लिए विकास" मॉडल बॉट-संचालित फ्रंट-रनर और मध्यस्थों के लिए लाभ-स्केलिंग अवसर उत्पन्न करता है - अक्सर औसत खुदरा व्यापारियों की हानि के लिए। इस बीच, केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर, खुदरा व्यापारियों को भी आमतौर पर सबसे खराब सौदे मिलते हैं; वे अक्सर संस्थागत व्यापारियों की तुलना में 10 गुना अधिक शुल्क का भुगतान करते हैं। आज के एक्सचेंज हर किसी की सेवा करने के लिए बनाए गए थे --- लेकिन वॉल्यूम पर उनका ध्यान केंद्रित करने का मतलब है कि उनका लाभ केवल बड़े पेशेवर व्यापारियों, हेज फंड और मार्केट निर्माताओं के लिए अर्जित होता है। क्लिपर इस दृष्टिकोण का विरोधी है।

महामारी से इनकम गिरी तो NPA हो गए गोल्‍ड लोन अकाउंट, जानें क्‍या कहते हैं निजी बैंक

  • Anto T Joseph
  • Publish Date - July 27, 2021 / 05:16 PM IST

महामारी से इनकम गिरी तो NPA हो गए गोल्‍ड लोन अकाउंट, जानें क्‍या कहते हैं निजी बैंक

ये लोन अधिक आसान भुगतान शर्तों के साथ भी आते हैं. लोन लेने वालों के पास समान मासिक किश्तों में भुगतान करने या एकमुश्त भुगतान करने का विकल्प होता है.

Gold Loan: महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर घरेलू आय में अचानक हुई गिरावट के कारण निजी बैंकों द्वारा दिए गए गोल्ड लोन में अधिक डिफॉल्ट हुए हैं. ICICI बैंक, HDFC बैंक, फेडरल बैंक और CSB बैंक जैसे लीडिंग प्राइवेट बैंकों ने पहली तिमाही की आय की रिपोर्ट में खास तौर से गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में अपने रिटेल लोन में हाई स्ट्रेस रिपोर्ट किया है. यह 2021-22 की पहली तिमाही में अधिकांश बैंकों के अच्छे मुनाफे की रिपोर्ट के बावजूद है. जून में समाप्त तिमाही के लिए बैंक का गोल्ड लोन स्लिपेज 50 करोड़ रुपये था, जो पोर्टफोलियो का लगभग 0.3% था. इसने तिमाही में 200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन रीस्ट्रक्चर भी किया.

गोल्ड लोन स्लिपेज

कई बैंक अपने रिटेल कस्टमर को – जिन्होंने अपने सोने के गहनों को क्विक फंडिंग के लिए गिरवी रखा था उन पर एक सीमा से अधिक लोन चुकाने के लिए दबाव नहीं डालना चाहते थे.

फेडरल बैंक के MD & CEO, श्याम श्रीनिवासन ने कहा “लॉकडाउन और ग्राहकों के सामने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, हम ग्राहकों को भुगतान करने के लिए पुश नहीं करना चाहते थे. इसलिए, यदि वो पेमेंट नहीं कर सके, तो वे या तो रीस्ट्रक्चर हो गए या NPA बन गए”

200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन रीस्ट्रक्चर

जून में समाप्त तिमाही के लिए बैंक का गोल्ड लोन स्लिपेज 50 करोड़ रुपये था, जो पोर्टफोलियो का लगभग 0.3% था. इसने तिमाही में 200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन रीस्ट्रक्चर भी किया.

ICICI बैंक ने पहली तिमाही में 7,200 करोड़ रुपये की गिरावट देखी, जिसमें रिटेल सेगमेंट 6,700 करोड़ रुपये का था. एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने कहा, ‘इनमें से 1,130 करोड़ रुपये ज्वैलरी लोन से आए. उन्होंने कहा कि ज्वेलरी लोन पूरी तरह सुरक्षित हैं.

हालांकि, सोना एक सेफ कॉलेटरल होने के कारण, बैंक इस स्लिपेज (गिरावट) को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं. CSB बैंक, जो गोल्ड लोन को एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो के रूप में गिनता है, ने भी गोल्ड लोन में तनाव में वृद्धि देखी. पहली तिमाही के दौरान कुल 423 करोड़ रुपये की गिरावट में, गोल्ड लोन 337 करोड़ रुपये रहा.

सेंट्रल बैंक द्वारा 90% से 75% के लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो होने के बाद बैंक ने गोल्ड लोन बुक में खराब लोन में वृद्धि को देखते हुए अपनी गोल्ड लोन पॉलिसी को बदल दिया था. बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वो महामारी के मद्देनजर ग्राहकों पर दबाव नहीं बनाना चाहते थे, इसके बावजूद कलेक्शन 20% तक गिर गया था.

गोल्ड लोन में पॉजिटिव ग्रोथ

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जुलाई बुलेटिन के अनुसार, 2021-22 के पहले दो महीनों में गोल्ड की ज्वेलरी पर लोन में पॉजिटिव ग्रोथ रिपोर्ट की गई थी, जबकि बैंकों के पर्सनल लोन में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी.

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 21 मई को गोल्ड ज्वैलरी लोन 2.3% बढ़कर 62,101 करोड़ रुपये हो गया.
सोने की ऊंची कीमतों ने लोगों को अपनी ज्वैलरी गिरवी रखकर फंड जुटाने में मदद की थी क्योंकि दूसरी लहर में लॉकडाउन ने कई लोगों को बेरोजगार कर दिया था.

आश्चर्यजनक रूप से, चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग लगभग 10.4 प्रतिशत गिरकर 21 मई को 1,04,475 करोड़ रुपये हो गया था. दूसरे पर्सनल लोन, जो बैंकों के लिए पर्सनल लोन पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, में भी गिरावट दर्ज की गई 1.6% गिरकर ये 7,77,567 करोड़ रुपये हो गया.

ट्रेडमिल बेल्ट स्लिपेज के स्लिपेज ऑन क्या है सामान्य कारण

ट्रेडमिल बेल्ट स्लिपेज के सामान्य कारण

ट्रेडमिल बहुत लोकप्रिय इनडोर व्यायाम उपकरण हैं जो एक स्वस्थ और फिटर शरीर प्राप्त करने के लिए मजबूत कार्डियो स्लिपेज ऑन क्या है वर्कआउट प्रदान करते हैं। यह एक बहुमुखी मशीन है जिसका उपयोग आपके घर या जिम में, आपके शेड्यूल के अनुसार कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है।

ट्रेडमिल के साथ, आप हर मौसम में अपने घर के सीमित स्थान के भीतर चल या दौड़ सकते हैं। जबकि एक ट्रेडमिल आपको कसरत कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है, कभी-कभी आपको स्लिपेज ऑन क्या है अपने कसरत करते समय समस्याओं या मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रेडमिल स्लिपेज ट्रेडमिल ग्राहकों द्वारा रिपोर्ट की जाने वाली स्लिपेज ऑन क्या है सबसे आम शिकायतों में से एक है। यह एक गंभीर मुद्दा है, और इसे जल्दी से हल करने की आवश्यकता है क्योंकि इससे खराब कसरत के अनुभव हो सकते हैं और गंभीर गिरावट और चोटों का खतरा पैदा हो सकता है।

ट्रेडमिल बेल्ट स्लिपेज के कारण और आप उन्हें कैसे ठीक कर सकते हैं?

  • 12 pre-set workout programs to set variable exercise mode for weight loss training and endurance training and 8 rubber pads under deck for shock absorption. | It is suggested to use a 1000 VA stabilizer. In-Box Contents: 1 treadmill, toolkit, user manual and warranty card.
  • WARRANTY -3 years warranty against frame, 1 year motor warranty and 1 year warranty on parts and manufacturing defects.
  • Powerful Motor & Shockproof Design- Powerful but quiet 2.5HP motor delivers speed from 12Km/hr to meet different fitness demands. Comfort cell cushioning technology with 8 rubber pads under deck for shock absorption gives your joint the support they deserve, making for a more comfortable workout and faster recovery

निष्कर्ष

ट्रेडमिल बेल्ट स्लिपेज के सटीक कारण की पहचान करना महत्वपूर्ण है ताकि आप इस मुद्दे को पूरी तरह से संबोधित कर सकें। कुछ कारणों को आसानी से ठीक किया जा सकता है, जबकि अन्य को पेशेवर मदद की स्लिपेज ऑन क्या है आवश्यकता हो सकती है।

आप अपने ट्रेडमिल के नियमित रखरखाव और देखभाल को सुनिश्चित करके बेल्ट के फिसलने के सामान्य कारणों स्लिपेज ऑन क्या है से बच सकते हैं या देरी कर सकते हैं। एक योग्य तकनीशियन द्वारा ट्रेडमिल की नियमित सर्विसिंग भी आपको समय पर मुद्दों को ठीक करने और चोटों को रोकने में मदद करती है।

₹100 से सस्‍ते इस मल्‍टीबैगर बैंक शेयर में कमाई का मौका; 10 महीने में डबल हुआ पैसा, चेक करें नया टारगेट

Stocks to Buy: ब्रोकरेज रिसर्च फर्म आनंदराठी (AnandRathi) ने करूर वैश्‍य बैंक पर खरीदारी की सलाह दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक के लिए सितंबर तिमाही दमदार रही है और अर्निंग्‍स मजबूत बनी हुई है.

Stocks to Buy: ग्‍लोबल सेंटीमेंट्स के चलते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. दिवाली से पहले वाले कारोबारी हफ्ते में बाजार में अच्‍छी खासी रिकवरी देखी गई. बीते हफ्ते निवेशकों की वेल्‍थ 4 लाख करोड़ से ज्‍यादा बढ़ गई. बाजार को घरेलू निवेशकों से बूस्‍ट मिल रहा है. इस बीच, कंपनियों के दूसरी तिमाही (Q2FY23) के नतीजे आ रहे हैं. दमदार रिजल्‍ट्स और बेहतर आउटलुक के दम पर ब्रोकरेज को कई शेयर बेहतर नजर आ रहे हैं. ऐसा ही एक स्‍टॉक करूर वैश्‍य बैंक (Karur Vysya Bank) है. 100 रुपये से कम कीमत वाले इस स्‍टॉक ने बीते 10 महीने में ही निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है. ब्रोकरेज रिसर्च फर्म आनंदराठी (AnandRathi) ने करूर वैश्‍य बैंक पर खरीदारी की सलाह दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक के लिए सितंबर तिमाही दमदार रही है और अर्निंग्‍स मजबूत बनी हुई है.

Karur Vysya Bank: ₹115 टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज हाउस आनंदराठी ने प्राइवेट बैंक करूर वैश्‍य बैंक (Karur स्लिपेज ऑन क्या है Vysya Bank) के शेयर पर Buy की रेटिंग बरकरार रखी है. साथ ही टारगेट प्राइस 115 रुपये प्रति शेयर रखा है. 25 अक्‍टूबर 2022 को शेयर का भाव 93 रुपये पर था. इस तरह, करंट भाव से निवेशकों को आगे करीब 24 फीसदी तक तगड़ा रिटर्न मिल सकता है. इस साल अब तक शेयर में करीब 102 फीसदी की तेजी रही है. यानी, पिछले 10 महीने में स्‍टॉक ने निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है. जनवरी 2022 से 25 अक्‍टूबर 2022 तक स्‍टॉक का भाव 46.20 से बढ़कर 93.25 रुपये हो गया.

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी का कहना है कि Q2FY23 स्लिपेज ऑन क्या है स्लिपेज ऑन क्या है में बैंक की प्रॉफिटैबिलिटी बढ़ी है. अच्‍छे ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के चलते RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) सालाना आधार पर 30 बेसिस प्‍वाइंट बढ़कर 1.16 फीसदी हो गया. बैंक के अच्‍छे तिमाही नतीजे की अहम वजह दमदार क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर मार्जिन्‍स, मजबूत लिक्विडिटी और कैपिटलाइजेशन रहा. आगे अर्निंग्‍स मजबूत बने रहने की उम्‍मीद है. ब्रोकरेज का कहना है कि दमदार रिकवरी और स्लिपेज कम होने से बैंक के GNPA 124bps और NNPA 55bps सुधरा है. बैंक का स्लिपेज 130 करोड़ रुपये (लोन का 0.87 फीसदी) रहा.

गोल्ड लोन स्लिपेज

कई बैंक अपने रिटेल कस्टमर को – जिन्होंने अपने सोने के गहनों को क्विक फंडिंग के लिए गिरवी रखा था उन पर एक सीमा से अधिक लोन चुकाने के लिए दबाव नहीं डालना चाहते थे.

फेडरल बैंक के MD & CEO, श्याम श्रीनिवासन ने कहा “लॉकडाउन और ग्राहकों के सामने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, स्लिपेज ऑन क्या है हम ग्राहकों को भुगतान करने के लिए पुश नहीं करना चाहते थे. इसलिए, यदि वो पेमेंट नहीं कर सके, तो वे या तो रीस्ट्रक्चर हो गए या NPA बन गए”

200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन रीस्ट्रक्चर

जून में समाप्त तिमाही के लिए बैंक का गोल्ड लोन स्लिपेज 50 करोड़ रुपये था, जो पोर्टफोलियो का लगभग 0.3% था. इसने तिमाही में 200 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन रीस्ट्रक्चर भी किया.

ICICI बैंक ने पहली तिमाही में 7,200 करोड़ रुपये की गिरावट देखी, जिसमें रिटेल सेगमेंट 6,700 करोड़ रुपये का था. एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने कहा, ‘इनमें से 1,130 करोड़ रुपये ज्वैलरी लोन से आए. उन्होंने कहा कि ज्वेलरी लोन पूरी तरह सुरक्षित हैं.

हालांकि, सोना एक सेफ कॉलेटरल होने के कारण, बैंक इस स्लिपेज (गिरावट) को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं. CSB बैंक, जो गोल्ड लोन को एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो के रूप में गिनता है, ने भी गोल्ड लोन में तनाव में वृद्धि देखी. पहली तिमाही के दौरान कुल 423 करोड़ रुपये की गिरावट में, गोल्ड लोन 337 करोड़ रुपये रहा.

सेंट्रल बैंक द्वारा 90% से 75% के लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो होने के बाद बैंक ने गोल्ड लोन बुक में खराब लोन में वृद्धि को देखते हुए अपनी गोल्ड लोन पॉलिसी को बदल दिया था. बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वो महामारी के मद्देनजर ग्राहकों पर दबाव नहीं बनाना चाहते थे, इसके बावजूद कलेक्शन 20% तक गिर गया था.

गोल्ड लोन में पॉजिटिव ग्रोथ

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जुलाई बुलेटिन के अनुसार, 2021-22 के पहले दो महीनों में गोल्ड की ज्वेलरी पर लोन में पॉजिटिव ग्रोथ रिपोर्ट की गई थी, जबकि बैंकों के पर्सनल लोन में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी.

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 21 मई को गोल्ड ज्वैलरी लोन 2.3% बढ़कर 62,101 करोड़ रुपये हो गया.
सोने की ऊंची कीमतों ने लोगों को अपनी ज्वैलरी गिरवी रखकर फंड जुटाने में मदद की थी क्योंकि दूसरी लहर में लॉकडाउन ने कई लोगों को बेरोजगार कर दिया था.

आश्चर्यजनक रूप से, चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग लगभग 10.4 प्रतिशत गिरकर 21 मई को 1,04,475 करोड़ रुपये हो गया था. दूसरे पर्सनल लोन, जो बैंकों के लिए पर्सनल लोन पोर्टफोलियो का स्लिपेज ऑन क्या है एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, में भी गिरावट दर्ज की गई 1.6% गिरकर ये 7,77,567 करोड़ रुपये हो गया.

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