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चार दिन की गिरावट के बाद सेंसेक्स 160 अंक मजबूत बंद, सन फार्मा 3.57% टूटा

रुपया 47 पैसे की गिरावट के साथ 81.80 प्रति डॉलर पर

मुंबई, पांच दिसंबर (भाषा) घरेलू बाजार में कमजोरी के रुख और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से सोमवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 47 पैसे की गिरावट के साथ 81.80 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में डॉलर के कमजोर होने से रुपये की गिरावट पर कुछ अंकुश लग गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.26 पर खुला। बाद में रुपये का आरंभिक विदेशी मुद्रा लाभ लाभ लुप्त हो गया और कारोबार के अंत में यह 47 पैसे की गिरावट दर्शाता 81.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद विदेशी मुद्रा लाभ हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 81.25 के उच्चस्तर और 81.82 के निचले स्तर को छुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया सात पैसे की गिरावट के साथ 81.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.44 रह गया।

भारतीय अर्थव्यवस्था को लगा झटका, रुपये में आज आई गिरावट

भारतीय अर्थव्यवस्था को लगा झटका, रुपये में आज आई गिरावट

डॉलर विदेशी मुद्रा लाभ विदेशी मुद्रा लाभ के कमजोर होने के बावजूद स्थानीय बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 81.35 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी पूंजी की बाजार से निकासी बढ़ने की वजह से भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई है.

कच्चे तेल में आया उछाल

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.11 पर खुला. कारोबार के दौरान रुपये का लाभ लुप्त हो गया और कारोबार के आखिर में यह नौ पैसे की गिरावट दिखाता 81.35 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ है. कारोबार के दौरान रुपये ने 81.08 के ऊंचे स्तर और 81.35 के निचले स्तर को छुआ. पिछले सत्र में रुपया चार पैसे की तेजी के साथ 81.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दिखाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 104.53 पर आ गया.

वहीं, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.17 फीसदी बढ़कर 87.03 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 415.69 अंक घटकर 62,868.50 अंक पर बंद हुआ है. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार विदेशी मुद्रा लाभ में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने गुरुवार को 1,565.93 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे थे.

आपकी जिंदगी पर रुपये का क्या होता है असर?

आपको बता दें कि रुपये में तेजी और गिरावट का असर आम जन जीवन पर देखा जा सकता है. हाल के दिनों में महंगाई दर के रूप में विदेशी मुद्रा लाभ यह देखा भी जा रहा है. रुपये में कमजोरी से अंतररराष्ट्रीय बाजार से आयात की गई कमोडिटी में किसी भी कमी का असर घट जाती है. इस वजह से कच्चे तेल में गिरावट का फायदा पाने में और समय लगता है, क्योंकि कीमतों में गिरावट के बीच रुपये में कमजोरी से आयात बिल बढ़ जाता है और इससे सरकारी खजाने पर बोझ बना रहता है.

वहीं, आम आदमी को फायदा उस स्थिति में मिलता है, जब वैश्विक बाजार में कमोडिटी के दाम गिरता है और रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति में आता है.

जरुरी जानकारी | रुपया 47 पैसे की गिरावट के साथ 81.80 प्रति डॉलर पर

जरुरी जानकारी | रुपया 47 पैसे की गिरावट के साथ 81.80 प्रति डॉलर पर

मुंबई, पांच दिसंबर घरेलू बाजार में कमजोरी के रुख और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से सोमवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 47 पैसे की गिरावट के साथ 81.80 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में डॉलर के कमजोर होने से रुपये की गिरावट पर कुछ अंकुश लग गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.26 पर खुला। बाद में रुपये का आरंभिक लाभ लुप्त हो गया और कारोबार के अंत में यह 47 पैसे की गिरावट दर्शाता 81.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 81.25 विदेशी मुद्रा लाभ के उच्चस्तर और 81.82 के निचले स्तर को छुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया सात पैसे की गिरावट के साथ 81.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स, निफ्टी की बृहस्पतिवार को बाजार में सपाट हुई शुरुआत

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कच्चे तेल के दामों में कमी और चुनिंदा बैंकिग शेयरों में लिवाली का लाभ आईटी और एफएमसीजी शेयरों के घाटे में जाने से नहीं विदेशी मुद्रा लाभ मिल सका और हिमाचल प्रदेश तथा गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले बृहस्पतिवार को दोनों प्रमुख शेयर सूचकांकों की बाजार में शुरुआत लगभग सपाट रही।

इस दौरान उतार-चढ़ाव वाले शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 28.87 अंक या 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 62,439.55 पर था। व्यापक एनएसई निफ्टी 8.60 अंक या 0.05 फीसदी के मामूली लाभ के साथ 18,569.10 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

इसके अलावा एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, नेस्ले, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और रिलायंस के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी ओर, कोटक बैंक, एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, पॉवर ग्रिड, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज तथा विप्रो के शेयरों में गिरावट हुई।

Nifty50 का हाल

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) विदेशी मुद्रा लाभ 48.85 अंकों की तेजी के साथ 18,609.35 पर बंद हुआ. निफ्टी के 50 शेयरों में से 27 नुकसान में रहे. एनएसई पर आईटी, फार्मा, रियल्टी, हेल्थकेयर इंडेक्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. निफ्टी पर एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, आयशर मोटर्स, एलएंडटी, हिंडाल्को टॉप गेनर्स रहे. दूसरी ओर सन फार्मा, डिविस लैब, पावरग्रिड, एचडीएफसी लाइफ और टीसीएस टॉप लूजर्स रहे.

वैश्विक बाजार को अगले सप्ताह जारी होने वाले, अमेरिका में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार है. अमेरिका में गुरुवार को बेरोजगारी आंकड़ा विदेशी मुद्रा लाभ जारी होने से पहले वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख रहा. एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक, जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मजबूत रहा. यूरोप के बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख रहा. इस बीच, ब्रेंट क्रूड तेल 28 सेंट लाभ के साथ 77.45 पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाल बने हुए हैं. उन्होंने बुधवार को 1,241.87 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे.

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